January 01, 2018

सफलता का आधार - धैर्य और संतोष

सफलता के लिए जीवन में धैर्य और संतोष का होना आवश्यक है। जो भी बिजनेस लक्ष्य तय किया जाता है, उसे पूरा होने में कुछ समय जरूर लगता है। ऐसे में आपको खुद पर काबू रखना होता है और रिजल्ट के लिए इंतजार करना होता है।हालांकि, यह सब होते हुए देखना और इंतजार करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन आपको लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऐसा करना होता है।अगर आप लक्ष्य को पाने के लिए जल्दबाजी करते है और अपना धैर्य खो देते है तो आपका बना बनाया काम भी बिगड़ सकता है जिससे आप अपने बिजनेस लक्ष्य के नजदीक पहुँचकर भी उससे दूर हो सकते है। एक सफल बिजनेसमैन को वर्तमान के नजरिए से देखे तो वह सफल जरूर नजर आऐगा मगर वास्तव मे यह उसकी वर्षो की कड़ी मेहनत का परिणाम होता है।

4 comments:

JEEWANTIPS said...

सभी पाठको को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ।
JEEWANTIPS

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (02-01-2018) को नववर्ष "भारतमाता का अभिनन्दन"; चर्चा मंच 2836

पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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नववर्ष 2018 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Anita said...

सही कहा है आपने, धैर्य और संतोष के बिना जीवन सफल नहीं बन सकता.

Shanti Garg said...

धैर्य और संतोष सफल जीवन की कुंजी है......
Thanks for this post.