जीवन (Jeewan) मेँ कर्म की भूमिका मुख्य है क्योकि इसके बिना जीवन का कोई अर्थ ही नहीँ रह जाता है। कर्म ही वह साधन है जिसे करके मनुष्य जीवन पथ पर आगे बढ़ता है और एक लक्ष्य जिसे उसने सिर्फ सोच रखा है, प्राप्त कर पाता है। अर्थात् कर्म हमारी सोच या सपने को मूर्त रूप देते है। इसका एक तात्पर्य यह भी है कि सपने और कर्म का आपस मेँ गहरा संबध है।
विघार्थी जीवन की ही बात की जाए तो प्रत्येक क्षेत्र मेँ अध्ययनरत विघार्थी का कोई लक्ष्य होता है जिसे वह कर्म करके ही प्राप्त कर पाता है इसके बाद आगे का जीवन भी वह कर्म करके ही बिता पाता है अर्थात् जितने श्रेष्ठ हमारे कर्म होँगे उतना ही श्रेष्ठ हमारा जीवन होगा। इस प्रकार कर्म से ही जीवन मेँ श्रेष्ठता आती है और जीवन मेँ कर्म की मुख्य भूमिका है।
Very nice post ...
ReplyDeleteBlog decoration is also very nice.
जीवन में कर्म ही सफलता की सीढ़ी है...बहुत सुन्दर प्रस्तुति...
ReplyDeleteकर्म ही जीवन है ये रहस्य यदि जान में तो जीवन सफल है ...
ReplyDeleteबहुत ही उम्दा और प्रेरक पोस्ट है तथा ब्लॉग सज्जा भी उत्तम है।
ReplyDeleteमानव जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू है उसकी कर्मशीलता।
ReplyDeleteकहा भी गया है 'सकल पदारथ एहि जग माही, कर्महीन नर पावत नाही'
माथे से बहते पसीने में करोड़ों गंगाओं का पुण्य समाया रहता है।
इसीलिए तो अंग्रेजी में भी कहते हैं 'work is worship.'
प्रेरणा मिली है पोस्ट पढ़ कर, धन्यवाद।
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद
ReplyDeleteमंजूषा जी
sundar vichar karm hi jeevan hai
ReplyDeleteकर्म से भाग्य बदले जा सकते हैं,तभी तो शायद गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है,"कर्म किये जा फल की चिंता मत कर"
ReplyDeleteकर्म ही किस्मत की दशा और दिशा तय करते हैं...सुंदर और प्रेरक पस्तुति
ReplyDeleteसही लिखा है आपने। बढ़िया ब्लॉग। कर्महीन नर पावत नाहीं। सहमत हूं आपसे।
ReplyDeleteVery imspiring....thanks
ReplyDeleteसार्थक चिंतन ..सुन्दर प्रस्तुति !
ReplyDeleteबहुत आभार !!
बहुत ही अच्छा लेख। सच कहा कि कर्म ही हमारा भाग्य तए करते हैं। इसलिए लोगों को भाग्यवादी बनने के बजाए, कर्मवादी बनना चाहिए।
ReplyDeleteकर्म प्रधान विश्व रची राखा ,
ReplyDeleteजो जैसी करि ,सो फलि चाखा।
कर्म हमारा भाग्य लिखते हैं।
बहुत आभार !!
ReplyDeleteसुन्दर, सार्थक चिंतन … शुभकामनाएं
ReplyDeleteसुंदर और प्रेरक पस्तुति
ReplyDeletesundar prastuti.....
ReplyDeleteबहुत आभार !!
ReplyDeleteVery nice post ...
ReplyDeleteWelcome to my blog on my new post.
कर्म सर्वोपरि है, पर भाग्य को भी नकारा नहीं जा सकता। अनेकाधिक बार यह सच सामने आया है।
ReplyDeletePl. arrange to remove "Comment moderation." It will beneficiary to all.
ReplyDeleteapne sapne poore karna ya bhagya badalna ho,hume karm ke bina kuch bhe nahi milega..bahut accha lekh hai
ReplyDeleteMadhulika ji,
ReplyDeleteApke bahumulya comment ke liye thanks.
सभी टिप्पणीकर्ताओँ को ब्लॉग पर आने और अपने अमूल्य विचार व्यक्त करने के लिए धन्यवाद!
ReplyDeleteJEEWANTIPS